वैश्वीकरण या भूमण्डलीयकरण शब्द लगभग 20वीं सदीं के आठवें दशक से प्रचार में आया। आगे चलकर इस सदीं के अन्तिम दशक में वैश्वीकरण की संकल्पना तेजी से उभरी, जो अब 21वीं सदीं में चर्चा का विषय बनीं हुई है। वैश्वीकरण ने जहाँ एक ओर समाज की संरचना और संस्कृति के व्यवहार को प्रभावित किया वहीं दूसरी ओर उद्योग, व्यापारिक नीतियों और राजनैतिक सम्बन्धों पर भी प्रभाव डाला। इस प्रकार साहित्य, समाज, कला, संगीत, व्यापार आदि विषयों में हो रही विभिन्न चर्चाओं का रुख किसी न किसी रूप में वैश्वीकरण ने अपनी तरफ मोड़ लिया।
Editor-in-Chief. "Music & Globalization." Sangeet Galaxy, April 2013, pp. 1-2.