Doorasth Sangeet Shiksha ki Sambhavnae

Abstract

शास्त्रीय संगीत के परिप ्रेक्ष्य मे ं अभी तक प्रभावी शिक्षण के लिए वैयक्तिक शिक्षण शब्द ही प ्रयुक्त होता था, जिसके तहत ग ुरू-शिष्य परप ंरा पोषित होती थी। हजारों वर्षों से यही चला आ रहा है, ल ेकिन पिछले चार दशकों में जिस तरह सूचना-तकनीक और कम्प्यूटर का हर क्षेत्र म ें उपया ेग बढ ़ा ह ै, उससे अब शिक्षण पद्धति मे ं भी परिवर्त न आया है। विविध नवीन तकनीकी का इस्त ेमाल कर अब शिक्षा सामान्य जन क े लिए मुह ैया करान े का प्रयास किया जा रहा है । इसी के लिए मुक्त विश्वविद्यालयों व इनके नवीन पाठ ्यक्रमों का संचालन श ुरू ह ुआ। स ंगीत के क्षेत्र म ें इसकी मांग को द ेखत े हुए इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि विश्वविद्यालया ें एव ं शिक्षा-मण्डलों द्वारा कम्प्यूटर तथा सूचना तकनीक का उपया ेग कर संगीत शिक्षण की भी द ूरवर्ती प्रणाली श ुरू कर ें । इसस े लोग घर बैठे कम्प्य ूटर के जरिए संगीत की शिक्षा प्राप्त कर सकंेगे ।

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Citation

Kratan, P, and ey. "Doorasth Sangeet Shiksha ki Sambhavnae." Sangeet Galaxy, July 2014, pp. 49-51.

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