पार्श्व गायिका उषा तिमोथी एक साधारण व्यक्तित्व एवं हंसमुख मिजाज़ की गायिका हैं. जिन्होंने बहुत ही कम उम्र में गाना प्रारंभ कर दिया था. चित्रपट जगत में जब उनका प्रवेश हुआ तो उस समय बहुत सी लोकप्रिय गायिकाएं शमशाद, लता मंगेशकर,आशा भोंसले,सुमन कल्याणपुर आदि पहले से ही मौजूद थी और एक से एक मधुर एवं सुरीले गीत गाकर संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर रही थी उस समय को चित्रपट जगत का स्वर्ण युग कहा जाता हैं. 1970 के दशक में उषा तिमोथी ने चित्रपट जगत में पार्श्व गायिका के रूप में चित्रपट `हिमालय की गोद में´ कल्याणजी आनंदजी के संगीत निर्देशन में एक युगल गीत `तू रात खड़ी थी छत पे´ गाकर अपनी एक पहचान बनाई. यद्यपि उन्होंने उक्त गायिकाओं की अपेक्षा कम गीत गाने को मिले लेकिन जितने भी गीत गाएं उन्होंने उसे पूरी लगन और शिद्दत से गाया. उनके द्वारा गाएं गए गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं जितने बीते दिनों में थे. जिनके सांगीतिक सफर में उनके परिवार के अलावा स्वर्ण युग के प्रसिद्ध पार्श्व गायक मोहम्मद रफ़ी एवं लोकप्रिय संगीत निर्देशक कल्याण - आनंदजी का बहुत बड़ा योगदान रहा. ये हिंदी एवं अन्य भाषाओं मारवाड़ी, राजस्थानी, भोजपुरी, मराठी, पंजाबी, मलयालम में अब तक लगभग पाँच हज़ार के करीब गीत गा चुकी हैं. आज तक संगीत के क्षेत्र में सक्रिय हैं. प्रस्तुत शोध-पत्र में उक्त पार्श्व गायिका के हिंदी चित्रपट के संगीतमय सफर एवं संघर्ष की यात्रा पर दृष्टिगोचर करते हुए प्रकाश डाला गया हैं. पार्श्व गायिका उषा तिमोथी ने चित्रपट जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई और किन-किन कठिनाइयों का सामना किया, अपने प्रारंभिक सांगीतिक सफर में किन-किन कलाकारों का सहयोग रहा. यह बताने का प्रयास किया गया है जोकि इस शोध-पत्र का मूल उद्देश्य हैं.
Sharma, Parul. "पार्श्व गायिका उषा तिमोथी : व्यक्तित्व एवं कृतित्व (Parshva Gayika Usha Timothi: Vyaktitva evam Kratitva)." Sangeet Galaxy, vol. 11, no. 2, July 2022, pp. 239-244.