प्रस्तुत आलेख मेंशोधार्थी द्वारा वाद्यों की संगीत मेंउपयोगगता पर प्रकाश डालने का प्रयास गकया गया है. वाद्यों की
प्रकृगत केअनुरूप गढ़वाल केलोक संगीत मेंप्रयुक्त गकए जानेवालेगवगवध लोक वाद्यों को वगीकृत कर उनका वर्णन
गकया गया है. इसमें अध्ययन गकया गया है वाद्य क्या हैंऔर इन की शास्त्रीय प्रकृगत क्या हैऔर
इन का क्या महत्त्व है. वाद्यों की शास्त्रीय प्रकृगत के अन्तगणत उत्तराखण्ड के लोक एवं प्रमुख
वाद्य गकस श्रेर्ी में रखे जाते हैं, इस पर शोधार्थी ने प्रकाश डालने का प्रयास गकया है. ये वाद्य
गकस प्रकार लोक संगीत का अंग ह,ैंकौन से वाद्य उत्तराखण्ड के मूल वाद्य ह,ैंगकस प्रकार
और गकन उद्देश्यों के गलए इनका प्रयोग गकया जाता है. इसके अगतररकत इस अध्ययन मेंयह जानने का प्रयास गकया
गया है गक कुछ प्रमुख वाद्य गकस प्रकार उत्तराखण्ड की लोक संस्कृगत केअंग बन गए ह,ैंक्यों कुछ वाद्य गवलुप्तप्रायः
होते जा रहे हैं. इन वाद्यों का यहााँकी लोक संस्कृगत और लोक संगीत मेंक्या स्र्थान ह,ै यहााँके जनमानस की जीवन
शैली में ये लोक वाद्य क्या महत्त्व रखते हैं, गकन प्रयोजनों के गलए ये उपयोग गकए जाते हैं, इस लेख में इन सब गबंदओु ं
का अध्ययन करने का प्रयास गकया गया है.
भट्ट, अलकेशिका. "गढ़वाल के प्रमुख लोक वाद्यों का अध्ययन." Sangeet Galaxy, vol. 13, no. 1, January 2024, pp. 171-181.