पश्चिमी ताल वाद्य यंत्र बनाम भारतीय ताल वाद्य यंत्र: एक तुलनात्मक अध्ययन

Abstract

संगीत में ताल वाद्य यंत्रों का विशेष महत्व है, क्योंकि ये किसी भी रचना की लय, गति और संरचना को निर्धारित करते हैं. विश्व की विभिन्न संगीत परंपराओं में ताल वाद्यों का विकास सांस्कृतिक, सामाजिक और कलात्मक आवश्यकताओं के अनुसार हुआ है. प्रस्तुत शोध-पत्र में पश्चिमी तथा भारतीय ताल वाद्य यंत्रों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है. इसमें दोनों परंपराओं के प्रमुख वाद्यों, संरचना, ताल प्रणाली, प्रस्तुति शैली तथा शिक्षण पद्धति का विश्लेषण किया गया है. अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पश्चिमी ताल वाद्य यंत्र जहाँ सामूहिक प्रस्तुति, स्पष्ट बीट तथा आधुनिक तकनीकी विकास पर आधारित हैं, वहीं भारतीय ताल वाद्य यंत्र जटिल ताल संरचना, बोल प्रणाली तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं.

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Citation

Tiwari, Rajnish Kumar. "पश्चिमी ताल वाद्य यंत्र बनाम भारतीय ताल वाद्य यंत्र: एक तुलनात्मक अध्ययन." Sangeet Galaxy 15, no. 2 (2026): 122-129.

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