भारतीय संगीत में ‘भरत’ और ‘नारद’ दो महत्त्वपूर्ण विभूतियाँ है। इनका नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। ‘भरत’ के सन्दर्भ में कई मत हैं। अमरकोश में ‘भरत’ को ‘नट’ का पर्यायवाची बताया गया है। भरत का व्यक्तित्व अद्यतन अनसुलझी पहेली के समान है। श्रीमद्भागवत में नट, नर्तक, सूत, मागध, बन्दी जन-ये साथ-साथ गिनाए गए हैं। भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में ‘भरत’ नामक कई व्यक्तित्व विराजमान हैं। यथा - राजा दुष्यन्त का पुत्र ‘भरत’, श्रीरामचन्द्र के भ्राता ‘भरत’ आदि। प्राचीन तमिल साहित्य के अनुसार ‘पंचभारतीय’ नामक नाट्यग्रन्थ में पाँच भरतों का विधान है- वृद्ध भरत, भरत, कोहल भरत, दत्तिल भरत, तथा मतंग भरत।
'Kavya', Lawanya Kirti Singh. "Bhartiya Sangeet mein Bharat aur Narad: Ek Vishleshan." Sangeet Galaxy, July 2016, pp. 26-30.