भारतीय संगीत के विकास में सदैव ही वाद्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ’’वाद्य’’ शब्द “वद्” धातु से लिया गया है, जिसका अर्थ है ’बोलना’। वादन का शाब्दिक अर्थ है, वाद्य से ध्वनि उत्पन्न करना। अतः वह उपकरण जिससे ध्वनि उत्पन्न हो ’’वाद्य’’ कहलाता है। भारत में सांगीतिक वाद्यों की चर्चा विभिन्न प्राचीन व आधुनिक ग्रंथों में की गयी है। पौराणिक कथाओं, मूर्तियों, नक्काशी, पत्थर की दीवारों पर की गयी चित्रकारी एवं विभिन्न हिन्दू, बौद्ध व जैन मन्दिरों में वाद्यांे के अनेक प्रमाण प्राप्त होते हैं।
Verma, Charvi. "Bhartiya Shastriya Sangeet me Vadya." Sangeet Galaxy, January 2018, pp. 75-80.