समाज में शांति एवं सौहार्द स्थापित करने में, सांगीतिक परम्पराओं को मजबूती प्रदान कर उसे आगे बढ़ने में, रोजगार के अवसर प्रदान करने में, राजस्व बढ़ने में, सीमा पार सम्बन्ध मजबूत बनाने आदि में संगीत पर्यटन वर्तमान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. संगीत पर्यटन कोई नई अवधारणा नही है. यह सामान्य पर्यटन में परोक्ष रूप से हमेशा से निहित रही है लेकिन वर्तमान में संगीत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत इसके स्वरूप में व्यापक विस्तार हुआ है, इसकी अवधारणा को बल मिला है और सरकारी और निजी प्रयासों से इसे एक विशेष गति मिली है. संगीत पर्यटन स्वयं में एक बहुउद्देशीय व्यवस्था है, जो एक ओर संगीत समारोह और उत्सवों के माध्यम से सांगीतिक परम्पराओं का संरक्षण करती है और उसे नई पीढी से जोडती है, संगीत उत्सवों का आयोजन अंतःराज्यी पर्यटन और अंतर्राजीय पर्यटन को बढ़ावा देते है, जिससे राजस्व की प्राप्ती होती है. रोजगार के अवसर बढ़ते है. संगीत वाद्ययंत्रों की आवश्यकता बढ़ती है.
Editor. "Editorial." Sangeet Galaxy, vol. 10, no. 1, January 2021, pp. 1-1.