Editorial

Abstract

संगीत वाद्य यंत्रों पर GST शिक्षा, शोध और व्यवसाय की दृष्टि से भारतीय संगीत (शास्त्रीय एवं लोक) का क्षेत्र असंगठित है. रोजगार की संभावनाओं के गिरते स्तर व अनिश्चितता, व्यापार की आसमानता, अनुकूल सुविधाओं के अभाव में और अपनी परंपरावादी जड़ वृत्ति के कारण संगीत का क्षेत्र उतना संगठित और व्यवस्थित नहीं हो सका, जितना इसको होना चाहिए था.

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Editor. "Editorial." Sangeet Galaxy, vol. 10, no. 2, July 2021, pp. 1-2.

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