Geetanjali Lal: Nritya Prastutiyan Evam Sanrachna

Abstract

गीतांजली लाल कत्थक के क्षेत्र की जानी-मानी शख्सियत है। गीतांजली लाल ने अपने पचास वर्ष के कार्यकाल में कत्थक के क्षेत्र में अपूर्व योगदान दिया है जिसके लिए इन्हे संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है । गीतांजली लाल द्वारा दिए गए योगदान में से एक हिस्सा इनकी नृत्य प्रस्तुतियों एवं नृत्य संरचनाओं का है, जिसने कत्थक के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस शोध-पत्र में इस हिस्से को प्रस्तुत करने की ईमानदार कोशिश की गयी है। यह शोध-पत्र शोद्यार्थी द्वारा अपने पीएचडी के शोध-प्रबंध जोकि अभी जारी है, के एक अध्याय में से लिया गया है। शोद्यार्थी का उदेश्य इस शोध-पत्र के द्वारा गीतांजली लाल के कुछ खास कार्यों से परिचित करवाना है, खासकर उनको जो कत्थक के या कला के किसी भी क्षेत्र में अपना नाम बनाना चाहते है।

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Citation

Thakur, Neha. "Geetanjali Lal: Nritya Prastutiyan Evam Sanrachna." Sangeet Galaxy, July 2019, pp. 20-30.

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