Nimbark Sampradaay Ka Sangeet-may Raas

Abstract

संगीत का आधारभूत तत्व ’नाद’ है, जो समस्त ब्रह्माण्ड में व्याप्त और प्राणभूत तत्व के साथ सम्बद्ध है । संगीत का अन्य मूलभूत तत्व लय, जो सृष्टि की गतिमानता का प्रतीक है । कला के रूप में संगीत अपने सर्वोत्कृष्ट स्तर पर पहुँचकर रसात्मकता के जिस तत्व को प्रतिफलित करता है, वही नैतिक उत्कर्ष का साधन बनकर आत्मा-परमात्मा की एकाग्रता का सोपान बन जाता है । इसको आध्यात्म-वादियों ने ब्रह्म मानकर ’रसो वै सः’ कहा है ।

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Citation

Shukla, Gourav. "Nimbark Sampradaay Ka Sangeet-may Raas." Sangeet Galaxy, April 2013, pp. 1-5.

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