ताल संगीत का प्राण है और तबला ताल को धारण करने वाला आज के दौर का सबसे महत्वपूर्ण तालवाद्य. वर्तमान में गायन की शिक्षा के साथ ही तबला वादन की शिक्षा भी विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालयों तक दी जा रही है. संगीत की संस्थागत शिक्षा के अंतर्गत गायन विषय पर कई शोध कार्य हो चुके है, जबकि तबला विषय की संस्थागत शिक्षा पर इतना ध्यान नही दिया गया जितना अपेक्षित था. तबले के घरानों के विकास से लेकर इसकी संस्थागत शिक्षा के फैलाव की दृष्टि से उत्तर प्रदेश काफी उपजाऊ रहा है. अतः “स्वतंत्रता के पश्चात् उत्तर प्रदेश में तबला वादन की संस्थागत शिक्षण प्रणाली का समीक्षात्मक अद्ध्ययन” शोध विषय के अंतर्गत प्रथम बार इसकी शिक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किए जाने का प्रयास किया गया है.
Gaveesh, Priyanka Arora, Shikha Mehra, Pankaj Upreti, . Surekha Rani, and Amit Kr. Verma. "Research Contribution in Music." Sangeet Galaxy, July 2019, pp. 53-62.