जहाँ तक संगीत की उत्पŸिा का प्रश्न है, मनुष्य की सृष्टि के प्रथम दिन से ही हम संगीत के अस्तित्व को मान सकते हैं। हाँ, यह अवश्य है कि क्रम-विकास के पथ का अनुसरण करते हुए ही संगीत उस प्राचीन स्वरूप से अपने वर्तमान स्वरूप को प्राप्त हुआ है।1
संगीत प्रकृति की एक सर्वाधिक सुन्दर रचना है। अनेक ग्रन्थों में संगीत की उत्पŸिा से सम्बन्धित अलग-अलग धारणाएं मिलती है। इनमें से कुछ धार्मिक दृष्टिकोंण लिए हुए हैं तो कोई मनोवैज्ञानिक। कुछ जल से संगीत की उत्पŸिा मानते है तो कुछ पक्षियों से।’’2
संगीत के उद्भव पर हम 3 दृष्टियों से विचार कर सकते है। 1- भौतिक 2- आतिभौतिक 3- मानसिक।
Mishra, Nagendra. "Sangeet Ki Utpatti: Ek Vishleshnatmak Addhyan." Sangeet Galaxy, July 2016, pp. 41-44.