चीन की सभ्यता, कला और संस्कृति प्राचीनकाल से ही पुष्पित एवं पल्लवित हो रही है। भारत और चीन का सांस्कृतिक सम्बन्ध तो हजारोें वर्ष पुराना है। चौथी शताब्दी तक चीनी लोग भारतीय संस्कृति एवं संगीत आदि से काफी प्रेरित होने लगे थे। भारतीय संगीत चीन में भारत के संगीतज्ञों द्वारा पहुुंचा, ये संगीतज्ञ कूची (चीन) में रहने लगे। चीनी यात्री हृवेनसाँग ने लिखा है कि कूची के रहने वाले बाँसुरी बजाते थे परन्तु उनका गाना-बजाना भारतीय ढंग लिए हुए था। भारतीय संगीत चीन के राजदरबारों में बहुत सराहा गया। चीन की पुस्तकों में भारतीय संगीतज्ञ मृदंग, शंख, बाँसुरी, बैन, वीणा, तानपुरा आदि का उपयोग संगीत में करते हैं यह उल्लेखित है।
Kumar, Avesh. "Vishva Sangeet me Cheeni Sangeet ki Mahatta." Sangeet Galaxy, October 2013, pp. 12-14.