Soundarya Shastra Ki Bhartiya Parampra Evam ‘Ras’ ki Vivechna

Abstract

भारतीय चिंतन परम्परा में सौंदर्यशास्त्र की व्याख्या बड़े ही व्यापक रूप से की गई है. उपनिषदों से लेकर हिंदी साहित्य, संगीत, नाट्य सभी परम्पराओं में सौंदर्य को ही आनंद का हेतु एवं सुख का पर्याय माना गया है. भारतीय सौंदर्य दर्शन की परंपरा विभिन्न ग्रंथों और कोशों में सौंदर्य शब्द के व्युत्पत्तिमूलक अर्थ से लेकर वेदों संहिताओं में किन किन समानार्थी शब्दों का प्रयोग हुआ है एवं क्रमिक रूप से कैसे ये नव रसों में परिवर्तित हुआ इसकी विवेचना ही प्रस्तुत लेख में की गई है.

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Citation

Mishra, Ruchi. "Soundarya Shastra Ki Bhartiya Parampra Evam ‘Ras’ ki Vivechna." Sangeet Galaxy, vol. 9, no. 2, July 2020, pp. 34-43.

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