Aadi Granth Sri Guru Granth Sahib me Varnit Ragon me Ras Ki Avdharna

Abstract

आदि ग्रन्थ में संकलित रागों का परस्पर ‘रस’ सम्बन्ध एवं उसके तुलनात्मक अध्ययन के अन्तर्गत व्यवहारिक व सैद्धान्तिक परिभाषा का महत्त्व ही इस शोध-पत्र का मुख्य सारांश है। आदि ग्रन्थ में संकलित रागों के रस की अनुभूति गुरबाणी के अन्तर्गत भाव व अर्थ ज्ञान द्वारा ही रस की प्राप्ति हैं। भाव आदि ग्रन्थ में संकलित रागों की प्रकृति व उनमें सम्मिलित भावों द्वारा बाणी गायन द्वारा उत्पन्न रस ही रस प्रतिपादन की क्रिया है। आदि ग्रन्थ में गुरु साहिबान द्वारा रचित राग आधारित गुरबाणी में अनेकों ही प्रकार के ‘आध्यत्मिक रस’ का वर्णन प्राप्त होता है, जिसका उल्लेख इस शोध-पत्र में विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है।

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Citation

Rai, Malkit. "Aadi Granth Sri Guru Granth Sahib me Varnit Ragon me Ras Ki Avdharna." Sangeet Galaxy, vol. 9, no. 2, July 2020, pp. 66-77.

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