Kathak Nritya me Lok Natya-Ram Leela ke Tatva

Abstract

लोकनाटयों की एक समृद्ध गौरवशाली परम्परा रही है. कथावाचन में कब नाट्यों का जुड़ाव हो गया यह कहना मुश्किल है, रामलीला की लगभग 500 वर्षों की समृद्ध परम्परा के प्रमाण हमें मिलते हैं. कथक, शास्त्रीय नृत्य की परम्परा भी ‘‘कथा कहे सो कथिक कहावे’’ से मिलती है. प्रस्तुत शोध प्रपत्र में यह बताने का प्रामाणिक प्रयास किया गया है कि कथक ने रामलीला के किन तत्वों को अपना अंग बनाया और नृत्य की इस परम्परा को समृद्ध किया.

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Citation

Nagar, Vidhi. "Kathak Nritya me Lok Natya-Ram Leela ke Tatva." Sangeet Galaxy, vol. 9, no. 2, July 2020, pp. 78-83.

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