‘सूफी’ की उत्पत्ति पांचवी शताब्दी में मध्य एशिया से मानी जाती ह ै। मध्यकाल में प्रचलित सूफी धारा म ें
गायन की परम्पराएँ अत्यंत महत्त्वप ूर्ण रही है। इसके पृष्ठभूमि में यह विव ेचित करना अप्रासंगिक न हा ेगा
कि, सूफी के वास्तविक स्वरुप के अंतर्ग त, सूफी की अवधारणा, उद ्भव एव ं विकास तथा महत्व की
व्याख्या का प्रगटीकरण, वस्त ुस्थिति का े स्वतः स्पष्ट कर द ेता है। इस परिप्र ेक्ष्य म ें सर्वप्रथम सूफी के
वास्तविक अर्थ की विव ेचना कर ेंग े जिसके अन्तर्ग त ‘तसव्वुफ‘ जो कि इस्लामी ज्ञान की एक शाखा ह ै
और इसका ध्यान मुस्लिम सम ुदाय के आध्यात्मिक विकास पर केंद्रित है, इसके अन ुयायियो ं को वर्त मान
समय में ‘सूफी’ कहत े हैं। सूफी शब्द की उत्पत्ति के विषय में र्कइ मत सामन े आत े हैं-
Srivastav, Nityapriya. "Sufi Sangeet Ka Vivechnatmak Addhyan." Sangeet Galaxy, July 2013, pp. 16-20.